- सिंहस्थ के लिए पुलिस को तैयार कर रहा प्रशासन: उज्जैन में पुलिस अफसरों की 21 दिन की खास ट्रेनिंग शुरू, 41 विषयों पर रहेगा फोकस; 117 अधिकारी बनेंगे “मास्टर ट्रेनर”
- उज्जैन में भस्म आरती में शामिल हुए बिहार के पूर्व डिप्टी CM विजय सिन्हा: नंदी हॉल में बैठकर किए दर्शन, महाकाल से मांगा आशीर्वाद
- महाकाल मंदिर में भस्म आरती: त्रिपुण्ड, त्रिशूल और डमरू से सजे बाबा, गूंजी ‘जय श्री महाकाल’
- उज्जैन में तपिश का प्रकोप: 40-41°C पर अटका पारा, अगले 4 दिन में और बढ़ेगी गर्मी; स्वास्थ्य विभाग सतर्क, हीट मरीजों के लिए विशेष वार्ड तैयार
- सिंहस्थ 2028 की तैयारियों पर सख्ती: मुख्य सचिव ने कहा—समय से पहले पूरे हों काम, बारिश से पहले बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करें; मेडिसिटी, सड़क और पुल निर्माण की भी समीक्षा की
शिप्रा शुद्धीकरण का प्लान बताया, तब जाकर संत ने अन्न ग्रहण किया, पादुका पहनी
उज्जैन। शिप्रा शुद्धीकरण को लेकर बीते 14 माह से अनशन कर रहे महामंडलेश्वर महंत ज्ञानदासजी महाराज ने शुक्रवार को अन्न ग्रहण कर चरण पादुका स्वीकार ली है। संतश्री ने कहा कि सांसद अनिल फिरोजिया ने उन्हें पत्र लिखकर शिप्रा को शुद्ध व प्रवाहमान बनाने के लिए नमामि गंगे योजना में इस प्रोजेक्ट को शामिल कराने की जानकारी दी। विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने प्रदेश सरकार द्वारा बनाए गए शिप्रा शुद्धीकरण का प्लान बताया। मोक्षदायिनी शिप्रा को सदानीरा व प्रवाहमान बनाने की योजना को देखकर महंत ने अनशन समाप्त कर दिया है।
14 माह पहले अन्न त्याग दिया था
निर्मोही अखाड़े के महामंडलेश्वर महंत ज्ञानदासजी महाराज ने 14 माह पहले पांच नवंबर को शिप्रा शुद्धीकरणकी मांग उठाते हुए अन्न त्याग दिया था। साथ ही चरण पादुका भी छोड़ दी थी। शुक्रवार को महाराजश्री के संन्यास दीक्षा के 24 वर्ष पूर्ण होने पर सदावल रोड स्थित आश्रम पर दीक्षा दिवस मनाया गया। इस अवसर पर विधायक अनिल जैन, महापौर मुकेश टटवाल, पूर्व निगम सभापति सोनू गेहलोत आश्रम पहुंचे तथा महाराजश्री से अनशन समाप्त कर अन्न ग्रहण करने का अनुरोध किया।